पिनाका रॉकेट सिस्टम पर मिस्र की नजर, US के HIMARS का विकल्प बनेगा भारत का स्वदेशी रॉकेट सिस्टम

पिनाका रॉकेट सिस्टम पर मिस्र की नजर, US के HIMARS का विकल्प बनेगा भारत का स्वदेशी रॉकेट सिस्टम

पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चरImage Credit source: Facebook/Indian Defence & Space Technology

भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत की कुंज अब दुनियाभर में सुनाई दे रही है. अमेरिका के HIMARS की जगह भारत का पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर मिस्र की पसंद बनता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक, मिस्र पिनाका सिस्टम का बारीकी से मूल्यांकन कर रहा है और इसे लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी के लिए किफायती और प्रभावी विकल्प मान रहा है. दरअसल, मिस्र अपनी लंबी दूरी की आर्टिलरी क्षमता को आधुनिक बनाना चाहता है और इसके लिए अलग-अलग देशों से हथियार खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है.

खास बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर में अपना दम दिखा चुका पिनाका रॉकेट सिस्टम मिस्र की भी पसंद बनता जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह पिनाका की कम कीमत, सटीक निशाने की क्षमता और अलग-अलग रेंज के रॉकेट इस्तेमाल करने की सुविधा है.

HIMARS के मुकाबले कितना सस्ता?

पिनाका की सबसे बड़ी ताकत इसकी कॉस्ट-टू-परफॉर्मेंस क्षमता मानी जा रही है. सिर्फ रॉकेटों की बौछार नहीं, अब सटीक हमला आधुनिक युद्ध में रॉकेट आर्टिलरी का इस्तेमाल अब सिर्फ बड़े इलाके में अंधाधुंध रॉकेट बरसाने तक सीमित नहीं है. अब फोकस Precision Strike यानी सटीक हमले पर है. गाइडेड पिनाका में INS यानी इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (Inertial Navigation System) के साथ GPS और भारत के NavIC सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. इससे रॉकेट को ज्यादा सटीक तरीके से लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद मिलती है. इस क्षमता के जरिए कम संख्या में रॉकेट इस्तेमाल करके कमांड सेंटर, रडार स्टेशन, लॉजिस्टिक हब, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकाने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सकता है.

पिनाका की रेंज भी लगातार बढ़ रही

पिनाका परिवार की एक और बड़ी खासियत इसकी अलग-अलग रेंज वाली मिसाइलें और रॉकेट हैं. एन्हांस्ड रेंज पिनाका करीब 45 से 60 किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है. वहीं, गाइडेड पिनाका की रेंज करीब 75 से 80 किलोमीटर तक बताई जाती है. भारत ने इससे भी आगे बढ़ते हुए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट यानी LRGR का परीक्षण किया है, जिसने करीब 120 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने की क्षमता प्रदर्शित की है. इसका मतलब है कि एक ही पिनाका प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग दूरी पर मौजूद लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता विकसित की जा रही है.

एक लॉन्चर, कई तरह के रॉकेट

पिनाका की मॉड्यूलर डिजाइन भी मिस्र के लिए आकर्षण का कारण हो सकती है. एक ही लॉन्चर से अलग-अलग प्रकार के रॉकेट इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इसके लिए हर भूमिका के लिए अलग लॉन्चर रखने की जरूरत कम होती है. इससे मेंटेनेंस आसान होता है, स्पेयर पार्ट्स की जरूरत घटती है, क्रू की ट्रेनिंग आसान होती है और ऑपरेशन की लागत कम की जा सकती है यानी एक ही लॉन्चर को जरूरत के मुताबिक अलग-अलग रेंज और क्षमता वाले रॉकेट से इस्तेमाल किया जा सकता है.

मिस्र क्यों बदल रहा हथियार खरीदने की रणनीति?

मिस्र लंबे समय से अमेरिका, यूरोप और रूस जैसे कई देशों से सैन्य उपकरण खरीदता रहा है, लेकिन दुनिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात, प्रतिबंधों और सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों ने मिस्र को अपने रक्षा साझेदारों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है. इसी वजह से भारत मिस्र के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार बनकर उभर रहा है. भारत की खासियत यह भी है कि वह कई देशों के साथ रक्षा सहयोग करते हुए अपेक्षाकृत स्वतंत्र विदेश नीति अपनाता है.

सिर्फ पिनाका ही नहीं, ब्रह्मोस और आकाश पर भी नजर

मिस्र की भारत में दिलचस्पी सिर्फ पिनाका तक सीमित नहीं है. मिस्र पहले से भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम में रुचि दिखा चुका है. इसके अलावा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर भी दोनों देशों के बीच संभावित सहयोग की चर्चा होती रही है. अगर मिस्र पिनाका, आकाश और ब्रह्मोस जैसे अलग-अलग भारतीय हथियार सिस्टम खरीदने की दिशा में आगे बढ़ता है तो दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध सिर्फ हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं रहेंगे. इससे लंबी अवधि की रक्षा साझेदारी, मेंटेनेंस, तकनीकी सहयोग और भविष्य में औद्योगिक साझेदारी के रास्ते भी खुल सकते हैं.

भारत के लिए बड़ा एक्सपोर्ट बूस्ट

पिनाका में मिस्र की दिलचस्पी भारत के बढ़ते डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए भी अहम है. भारत अब सिर्फ अपने सैन्य इस्तेमाल के लिए हथियार बनाने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि डिफेंस एक्सपोर्टर के तौर पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. अगर मिस्र जैसा बड़ा सैन्य देश पिनाका को अपनाता है, तो इससे दुनिया के दूसरे देशों के सामने भी भारतीय रॉकेट सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ सकती है यानी पिनाका अब सिर्फ भारतीय सेना की रॉकेट ताकत नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते डिफेंस एक्सपोर्ट का एक बड़ा चेहरा बनता जा रहा है.

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अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण भारत की लीडिंग डिफेंस पत्रकारों में से एक हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर अपनी सटीक रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने इंडिया टीवी, न्यूज़ 24, ज़ी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, ईटीवी और रिपब्लिक भारत जैसे प्रमुख समाचार चैनलों में रिपोर्टर, एंकर, प्रोड्यूसर और खोजी पत्रकार के रूप में काम किया है. सितंबर 2022 से अंजू निर्वाण टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह रक्षा मामलों की कवरेज का नेतृत्व करती हैं, भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना की प्रगति, मिसाइल प्रणालियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कवरेज करती हैं. अंजू निर्वाण ने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है, अग्रिम पंक्ति के सैन्य अभ्यासों को कवर किया है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं.

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