US-South Korea: तय समय से पहले खत्म होगा अमेरिका-दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास; क्या है ट्रंप के फैसले की वजह?

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच इस हफ्ते की शुरुआत में शुरू हुआ संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (यूएफएस) तय समय से पहले खत्म किया जाएगा। अभ्यास के तहत होने वाला मैदानी प्रशिक्षण भी कम किया जाएगा। दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने सेना के हवाले से इसकी पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इस सैन्य अभ्यास का आकार घटाने की बात कही थी, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।



योनहाप के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाओं ने सैन्य अभ्यास को शुक्रवार तक खत्म करने पर सहमति जताई है। इससे अभ्यास की अवधि करीब आधी रह जाएगी। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने एक बयान में यह जानकारी दी। यूएफएस सैन्य अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक चलने वाला था।

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ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के मुताबिक, सैन्य अभ्यास का एक अहम हिस्सा मैदानी प्रशिक्षण भी कुछ हद तक कम किया जाएगा। दोनों देशों की सेनाओं के बीच इसको लेकर बातचीत चल रही है। जल्द ही इसकी पूरी योजना तय की जाएगी।



उन्होंने कहा, दक्षिण कोरिया और अमेरिका यूएफएस अभ्यास के उद्देश्यों को हासिल करने और दोनों देशों की सेनाओं की मजबूत संयुक्त रक्षा व्यवस्था बनाने के लिए आगे अलग-अलग कदमों पर चर्चा करने और उन्हें लागू करने पर सहमत हुए हैं।





अभ्यास के दूसरे चरण में क्या होना था?


योनहाप के मुताबिक, अमेरिका और सिओल ने अभ्यास के दूसरे हिस्से को कथित तौर पर रद्द कर दिया है। इस हिस्से में दुश्मन के हमले के बाद जवाबी हमला करने की स्थिति का प्रशिक्षण होना था।


समाचार एजेंसी ने बताया कि यूएफएस का मुख्य उद्देश्य उत्तर कोरिया से जुड़े संभावित खतरों से निपटने की तैयारी करना है। उसने यह भी बताया कि 2019 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के आकार को कम किया गया था। उस समय उत्तर कोरिया के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत अपने सबसे अहम दौर में थी।



इस बार अभ्यास में क्या खास था?


इस बीच, सीएनएन ने दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि इस साल के सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया की बदलती सैन्य क्षमताओं के हिसाब से तैयार किया गया था। इसमें ड्रोन, जीपीएस व्यवस्था में रुकावट और साइबर हमलों से निपटने का प्रशिक्षण भी शामिल किया जाना था।



इस सैन्य अभ्यास में कम से कम 18 हजार दक्षिण कोरियाई सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद थी। हालांकि, इन बदलावों के बावजूद उत्तर कोरिया ने बुधवार को संयुक्त सैन्य अभ्यास की निंदा जारी रखी। योनहाप ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया ने सैन्य अभ्यास कम किए जाने के बाद भी इसका विरोध किया।



उत्तर कोरिया ने क्या चेतावनी दी?


उत्तर कोरिया ने कहा कि वह 'दुश्मन के सैन्य खतरे को पूरी तरह बेअसर करेगा' और अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।



दक्षिण कोरिया ने क्या कहा?


दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भी इससे पहले कहा था कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास रक्षात्मक प्रकृति के हैं। उन्होंने कहा था कि इन अभ्यासों का उत्तर कोरिया पर हमला करने या कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।



यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सालाना सैन्य अभ्यास को कम करने के फैसले के बाद आया था। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां हासिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की भी अपील की।