'मैं प्रधानमंत्री और अमित शाह के पोते की उम्र का हूं, लेकिन ये बच्चों को...' अभिजीत दीपके- VIDEO
Jul 30, 2026 10:42 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। दीपके ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया और धमकियां भी मिलीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे चुके हैं। अब कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके समेत अन्य प्रवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमले करने शुरू कर दिये हैं। ताजा बयान सीजेपी फाउंडर दीपके की तरफ से आया है। उन्होंने पीएम और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- इतने बड़े प्रधानमंत्री, इतने बड़े अमित शाह, उनके पोते की उम्र का मैं हूं। लेकिन फिर भी ये लोग... इसके साथ ही दीपके ने भाजपा को लेकर बड़ा बयान दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।
दीपके बोले, भाजपा वालों ने दी धमकी, क्या वजह बताई?
दरअसल, दीपके मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी उनसे पूछा गया- क्या आपको भाजपा की तरफ से ज्वाइन करने का कोई ऑफर मिला है? इस पर दीपके ने कहा- “मुझे धमकियां बहुत मिली हैं। मुझसे कहा गया कि भाजपा में आ जाओ अच्छा रहेगा, तुम्हारे लिए और तुम्हारे परिवार के लिए।”
मैं प्रधानमंत्री और अमित शाह के पोते की उम्र का हूं, लेकिन…
इसके बाद दीपके ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- "मुझे तो बहुत शर्म आती है कि प्रधानंत्री और गृह मंत्री अमित शाह इतने बड़े हैं कि मैं उनके पोते की उम्र का हूं। उनके पोते की उम्र के बच्चों को इस तरह की धमकियां देते हैं। क्या फायदा तुम्हारे इतने बड़े प्रधानमंत्री और गृहमंत्री होने का। अगर तुमको बच्चों को इस तरह की धमकियां देनी पड़ती हैं।"
मोदी और शाह को लेकर पहले भी हुआ था विरोध
20 जुलाई को दिल्ली में हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर भी अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से ही आए होंगे। दीपके ने कहा कि अगर छात्रों पर बल प्रयोग हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने विपक्ष की ओर से उठाई जा रही अमित शाह के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया। इस्तीफे की ऐसी ही मांगे सीजेपी के प्रोटेस्ट के दौरान भी उठती रही हैं। आंदोलन में शामिल होने आए युवाओं द्वारा पीएम पर निशाना साधते हुए हमले किए गए थे, ताकि जिम्मेदार लोगों को सबक सिखाया जा सके।
प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोला पक्ष-विपक्ष
आपको बताते चलें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए इस निर्णय को देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया था। वहीं अमित शाह ने कहा था- भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा एवं विद्यार्थीं हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
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Ratan Gupta
रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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