ऐ बेटा, कुछ नहीं होगा... हम हैं, घायल बच्चे को गोद में उठाकर अस्पताल दौड़े सांसद पप्पू यादव- Video
Purnia News: पूर्णिया की सड़क पर मंगलवार को इंसानियत का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं. सड़क पर खून से लथपथ एक 10 वर्षीय बच्चा दर्द से कराह रहा था. आसपास भीड़ जमा थी, कोई वीडियो बना रहा था तो कोई फोटो खींच रहा था. तभी वहां से गुजर रहे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की नजर घायल बच्चे पर पड़ी. उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवाया और बच्चे को गोद में उठाकर कहा, ऐ बेटा, कुछ नहीं होगा… हम हैं.
घायल बच्चे की पहचान पूर्णिया कोर्ट स्टेशन निवासी चंदन पासवान के 10 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार के रूप में हुई. अंकित मध्य विद्यालय पूर्णिया कोर्ट में कक्षा 3 का छात्र है. स्कूल की छुट्टी के बाद वह सड़क पार कर रहा था, तभी एक टोटो वाहन की चपेट में आ गया. हादसे में उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह सड़क पर गिरकर तड़पने लगा.
काफिला रुका, गोद में उठाकर पहुंचे अस्पताल
संयोग से उसी समय सांसद पप्पू यादव का काफिला उसी मार्ग से गुजर रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक बच्चे ने साहस दिखाते हुए काफिले को हाथ देकर रुकने का इशारा किया. सूचना मिलते ही सांसद तुरंत गाड़ी से उतरे और घायल अंकित को अपनी गोद में उठाकर अपनी निजी गाड़ी में बैठाया. अस्पताल पहुंचने तक वे लगातार बच्चे का हौसला बढ़ाते रहे. जीएमसीएच पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू करने को कहा और खुद बच्चे की स्थिति की जानकारी लेते रहे.
डॉक्टर बोले- बच्चा खतरे से बाहर
डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल अंकित की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. घटना की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता भी अस्पताल पहुंच गए. इस दौरान सांसद ने उस बच्चे को भी आर्थिक सहायता दी, जिसने काफिले को रोककर मदद की पहल की थी.
शहरभर में हो रही चर्चा
पप्पू यादव की इस संवेदनशीलता की पूरे शहर में चर्चा हो रही है. लोगों का कहना है कि जब अधिकांश लोग केवल तमाशबीन बने हुए थे, तब सांसद ने इंसानियत का परिचय देते हुए घायल बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाया. कई लोगों ने इसे राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया.

मोहित पंडित
मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.
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