राजस्थान के सीकर में परीक्षा का नकल कांड, Video में ग्रुप बनाकर कॉपी करते दिखे छात्र; PGDCA परीक्षा रद्द
Rajasthan News: जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम ने मंगलवार सीकर स्थित विश्वभारती कॉलेज में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सामूहिक नकल की स्थिति पाए जाने पर कार्रवाई की है. परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में कुल 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे. विजिलेंस टीम के निरीक्षण के दौरान कई विद्यार्थी समूह में बैठकर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से नकल करते पाए गए. टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए करीब 20 विद्यार्थियों से नकल में प्रयुक्त उत्तर सामग्री जब्त की गई. प्रकरण से संबंधित वीडियो, वॉइस रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्य परीक्षा विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं.
विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम में शास्त्री कोसलेंद्रदास एवं डॉ. देवेंद्र कुमार शामिल थे. टीम ने परीक्षा की पहली पारी के दौरान केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा मौके पर पाई गई अनियमितताओं का प्रतिवेदन परीक्षा विभाग को प्रस्तुत किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. मदनमोहन झा के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभुकुमार झा ने संबंधित परीक्षा केंद्र पर आयोजित पीजीडीसीए परीक्षा को निरस्त कर दिया. साथ ही, विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते की निगरानी में दूसरी पारी की परीक्षा कराई गई.
पांच दिन में दूसरा मामला
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संबंधित परीक्षा केंद्र के विरुद्ध निलंबन तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. विजिलेंस टीम की रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी. 7 अगस्त को भी लालसोट स्थित एमडी पीजी कॉलेज में पीजीडीसीए परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल का मामला सामने आया था. विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते द्वारा अनियमितता पकड़े जाने के बाद संबंधित परीक्षा केंद्र की परीक्षा निरस्त कर दी गई थी. नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की गई थी.
कुलपति ने क्या कहा?
कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना है. परीक्षा की शुचिता से समझौता करने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषी पाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.

ध्वज आर्य
राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.
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