ब्रिक्स समिट में VIP मूवमेंट को लेकर बड़ा बदलाव, एक ही बस में सफर करेंगे मुख्यमंत्री और मंत्री

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने जा रहे BRICS समिट को लेकर वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है. समिट के दौरान शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए अब केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आवागमन के नियमों में फेरबदल किया गया है. नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी वीआईपी अपने अलग और बड़े काफिले के साथ आयोजन स्थल तक नहीं जाएगा. आमतौर पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री जब भी किसी बड़े कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो उनके साथ गाड़ियों का लंबा काफिला चलता है. हालांकि, ब्रिक्स समिट के दौरान ऐसा देखने को नहीं मिलेगा.

तय योजना के अनुसार, सभी केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को संसद भवन परिसर में एकत्रित होना होगा. इसके बाद वहां से भारत मंडपम तक का सफर सभी वीआईपी एक ही बस में सवार होकर पूरा करेंगे.

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BRICS Summit 2026

TRAFFIC ADVISORY

📍 In view of the BRICS Summit on September 11, 2026, traffic diversions and regulated movement will be in place across key routes in Delhi from 2:00 PM to 8:30 PM.

* Commuters are advised to plan their journeys in advance, allow extra travel… pic.twitter.com/0BdSVHdElA

— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) September 10, 2026

दोपहर 2:00 बजे से रात 8:30 बजे तक यातायात में बदलाव

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर दोपहर 2:00 बजे से रात 8:30 बजे तक यातायात में बदलाव लागू रहेगा. यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, सार्वजनिक परिवहन, विशेष रूप से मेट्रो का उपयोग करें और यातायात कर्मियों द्वारा दिए गए निर्देशों और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें. इमरजेंसी और जरूरी सेवा वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी.

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राजधानी की सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट कम करना मकसद

इस नए नियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट को कम से कम करना है. दर्जनों अलग-अलग काफिलों के निकलने से सड़कों पर बार-बार रूट डायवर्जन और ट्रैफिक को रोकना पड़ता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के एक ही वाहन में जाने से सड़कों पर गाड़ियों का दबाव काफी घट जाएगा और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा.

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वैश्विक नेताओं की सुरक्षा पर रहेगा पूरा फोकस

ब्रिक्स समिट में दुनिया भर के कई शीर्ष वैश्विक नेता और विदेशी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की पहली प्राथमिकता अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को चाक-चौबंद सुरक्षा मुहैया कराना है. घरेलू वीआईपी के काफिलों की संख्या सीमित होने से सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस के संसाधनों की बचत होगी, जिससे पूरी सुरक्षा मशीनरी विदेशी डेलिगेट्स के रूट और भारत मंडपम की सुरक्षा व्यवस्था पर बिना किसी भटकाव के अपना ध्यान केंद्रित कर सकेगी.

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