Viral Video: घर पहुंचकर पता चला गायब है 2 लाख का MacBook, फिर हुआ चमत्कार ई-रिक्शा चालक ने लौटाया सामान

बेंगलुरु में दिखी इंसानियतImage Credit source: Insta/ poetwhotravels
सोचिए, आप बारिश में बाइक चला रहे हों और घर पहुंचने के बाद पता चले कि पीछे रखा करीब 2 लाख रुपये का MacBook ही गायब है. ऊपर से सड़क पर इतनी तेज बारिश हो रही हो कि वापस जाकर उसे ढूंढना भी किसी मुश्किल काम से कम न लगे. बेंगलुरु में बिहार के रहने वाले हर्षित सुरेका के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. उन्हें लगा कि शायद उनका महंगा MacBook और जरूरी सामान अब कभी वापस नहीं मिलेगा. लेकिन कुछ घंटों की तलाश के बाद जो हुआ, उसने उनकी पूरी चिंता को खुशी में बदल दिया.
हर्षित ने सोशल मीडिया पर अपनी इस कहानी शेयर की है. उन्होंने बताया कि वह जिम से वापस घर लौट रहे थे. उस दिन बेंगलुरु में बारिश काफी तेज थी. इसी दौरान उनकी बाइक के पीछे लगा टॉप बॉक्स रास्ते में कहीं गिर गया. हैरानी की बात यह थी कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं चला और वह सीधे घर पहुंच गए.
ई-रिक्शा चालक की ईमानदारी
घर पहुंचकर जैसे ही उन्होंने बाइक से उतरकर पीछे देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. बाइक का टॉप बॉक्स गायब था. उसमें उनका करीब 2 लाख रुपये का MacBook रखा हुआ था. इसके अलावा बॉक्स में एक निजी डायरी और कई दूसरी जरूरी चीजें भी थीं. हर्षित ने बिना देर किए बाइक फिर से निकाली और उसी रास्ते पर वापस चल पड़े. उन्हें अंदाजा था कि बॉक्स जिम से घर आने के बीच करीब 3 से 4 किलोमीटर के रास्ते में कहीं गिरा होगा. तेज बारिश के बावजूद उन्होंने सड़क के हर हिस्से पर नजर दौड़ानी शुरू कर दी.
वह रास्ते में रुक-रुककर लोगों से पूछ रहे थे कि क्या उन्होंने किसी बाइक से बॉक्स गिरते हुए देखा है. बारिश में सड़क पर फंसे लोगों से मदद मांगते हुए हर्षित लगातार अपना सामान तलाशते रहे. काफी देर तक उन्हें कोई सुराग नहीं मिला. फिर अचानक उनकी तलाश को एक बड़ा सुराग मिला. किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उसने बॉक्स को सड़क पर गिरा हुआ देखा था और वहां से गुजर रहे एक ई-रिक्शा चालक ने उसे उठा लिया था.
यह सुनते ही हर्षित को उम्मीद बंधी कि शायद उनका सामान अभी भी सुरक्षित है. वह उस ई-रिक्शा चालक तक पहुंचे और जब बॉक्स उनके हाथ में वापस आया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अंदर रखा MacBook, डायरी और बाकी सामान सुरक्षित था, लेकिन इस कहानी की सबसे खास बात सिर्फ सामान का वापस मिलना नहीं थी. हर्षित ने ई-रिक्शा चालक को उसकी ईमानदारी के लिए इनाम देना चाहा, लेकिन उसने पैसे लेने से साफ मना कर दिया.
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उसने बिना किसी लालच के करीब 2 लाख रुपये का सामान उसके असली मालिक तक पहुंचा दिया. आज जब सड़क पर मिली किसी महंगी चीज को वापस पाना आसान नहीं माना जाता, ऐसे में इस ई-रिक्शा चालक की ईमानदारी ने हर्षित को भावुक कर दिया. एक तरफ बारिश ने हर्षित को परेशान कर दिया था, तो दूसरी तरफ उसी बारिश में मिले एक अनजान शख्स ने उनका भरोसा इंसानियत पर और मजबूत कर दिया.
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आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.<p></p> अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. <p></p>फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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