‘पति के पीछे Vodafone के Pug की तरह नहीं चल सकती पत्नी’ वीडियो में जाने मद्रास HC की तल्ख टिप्पणी, 16 साल से अलग कपल को तलाक

‘पति के पीछे Vodafone के Pug की तरह नहीं चल सकती पत्नी’ वीडियो में जाने मद्रास HC की तल्ख टिप्पणी, 16 साल से अलग कपल को तलाक

मद्रास हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में पत्नी के पति के पीछे हर जगह जाने की अपेक्षा को खारिज करते हुए बेहद दिलचस्प टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि नौकरी या दूसरी परिस्थितियों के कारण पति जहां जाए, पत्नी से हर बार उसके साथ चलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसके लिए कोर्ट ने Vodafone के चर्चित ‘Pug’ विज्ञापन का उदाहरण दिया। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की डिवीजन बेंच ने 16 साल से अलग रह रहे एक दंपती के मामले में फैमिली कोर्ट का फैसला पलटते हुए तलाक मंजूर कर लिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों के रिश्ते में इतनी कड़वाहट आ चुकी है कि अब उनके दोबारा साथ आने की कोई संभावना नहीं है।

‘पत्नी को हर जगह साथ ले जाना संभव नहीं’

मामला तमिलनाडु के शिवगंगा की फैमिली कोर्ट से जुड़ा है। पति नौकरी के सिलसिले में मुंबई चला गया था, जबकि पत्नी उसके साथ नहीं गई। फैमिली कोर्ट ने इसी आधार पर पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी।निचली अदालत का तर्क था कि पति ने पत्नी को अपने साथ नहीं ले जाकर वैवाहिक जिम्मेदारी का उल्लंघन किया। हाईकोर्ट ने इस सोच को खारिज करते हुए कहा कि परिस्थितियां हमेशा ऐसी नहीं होतीं कि पति अपनी पत्नी को नौकरी वाली जगह पर साथ ले जा सके।कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पति सैनिक हो तो उसके लिए सेना की बैरक में पत्नी के साथ वैवाहिक घर बसाना संभव नहीं होगा। पत्नी खुद भी नौकरी कर सकती है। ऐसे में उससे पति के पीछे हर जगह जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

34 साल पहले हुई थी शादी, 4 बच्चे हैं

इस दंपती की शादी 10 सितंबर 1992 को हुई थी। दोनों के चार बच्चे हैं। पति की उम्र अब 67 साल है। दोनों करीब 16 साल से अलग रह रहे थे।पति ने 2014 में तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया था। उसने पत्नी पर दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध होने का आरोप लगाया था। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने तलाक देने से इनकार कर दिया था। बाद में पति ने 2021 में हाईकोर्ट में अपील की।

‘रिश्ता टूट चुका है, साथ रहना क्रूरता होगी’

हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच लंबे समय से अलगाव है और रिश्ते में काफी कड़वाहट पैदा हो चुकी है। कोर्ट ने माना कि वैवाहिक रिश्ता अब पूरी तरह टूट चुका है और दोनों के दोबारा साथ आने की कोई संभावना नहीं बची है।कोर्ट ने तलाक मंजूर करते हुए पति को पत्नी को 7 लाख रुपए गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया। तलाक का आदेश यह राशि जमा करने के बाद प्रभावी होगा।

पति की गलती का फायदा उठाने वाला तर्क भी खारिज

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ नौकरी के लिए दूसरे शहर जाना और पत्नी को साथ न ले जाना ऐसा गंभीर वैवाहिक गलत आचरण नहीं माना जा सकता, जिसके आधार पर पति को तलाक से वंचित किया जाए।हालांकि, कोर्ट ने पत्नी पर लगाए गए कथित व्यभिचार के आरोप को भी सीधे स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जिस व्यक्ति के साथ कथित संबंध का आरोप लगाया गया था, उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया था।इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने साफ किया कि शादी का मतलब यह नहीं कि पति या पत्नी में से किसी एक को दूसरे की हर परिस्थिति में ‘पीछे चलना’ ही होगा।

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