वृषभ राशि –Vrishabh Rashifal 2026 – 24 July to 31 July
वृषभ राशि का वार्षिक भविष्यफल
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इस वर्ष शनि आपकी 12 श. राशि से वर्ष पर्यंत एकादश स्थान में भ्रमण करेंगे, एकादश स्थान का शनि धन लाभ कराता 10 है। वर्षारम्भ में आपकी राशि का स्वामी जरूर आठवें है। जो मेहनत व परिश्रम की प्रचुरता रखेगा, लेकिन इतनी परिश्रम व मेहनत के बावजूद परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे, कुछ महत्वपूर्ण विषय व प्रोजेक्ट गति पकड़ेंगे, इस वर्ष आपका शारीरिक स्वास्थ्य आमतौर पर ठीक ही रहेगा। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य में भी कोई ज्यादा परेशानी नहीं रहेगी। मार्च तक मौसमी बीमारियों का प्रकोप रह सकता है। इस साल आपको वाणी व क्रोध पर भी नियंत्रण रखना चाहिए, अन्यथा बना बनाया खेल बिगड़ सकता है। इस साल के पूर्वार्द्ध में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी करेंगे, रोजमर्रा की या घरेलू उपयोग की कोई वस्तु खरीद सकते हैं।
इस वर्ष 2 जून तक बृहस्पति दूसरे स्थान में रहेंगे। अतः बेतहाशा खर्चों की स्थितियां रहेंगी। आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपया रहेगा। फिजुलखर्ची पर नियंत्रण रखें। वृषभ राशि के विद्यार्थियों का ध्यान अपनी पढ़ाई से हटेगा। मन पढ़ाई में नहीं लगेगा व बार- बार उचट जाएगा, जिससे आपका करियर प्रभावित हो सकता है। पति-पत्नी में आपसी तालमेल व सामंजस्य बना रहेगा। कार्य विस्तार की योजना जो आप काफी समय से बना रहे थे उसमें शुरुआत में रुकावटे व अड़चने आएंगी, लेकिन बाद में आप कोई जोर जुगत लगाकर अड़चनों व अवसरों में बदल देंगे। महत्वाकांक्षाएं जोर मारेगी लेकिन महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पण और मेहनत की भी उतनी आवश्यकता रहेगी। घर-परिवार में साल के उत्तरार्द्ध में किसी महत्वपूर्ण व शुभ कार्य की भूमिका बन सकती है। संतान की सगाई विवाह शिक्षा आदि के विषय पर खर्चा होगा। नए-नए मित्र बनेंगे पुराने मित्र जिनका लाभ व प्रतिफल आगे चलकर मिलेगा। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब से दूरी बनाकर रखनी चाहिए चतुण्ग्रहयुति वर्षारंभ में आठवें स्थान में है, अतः रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। कोर्ट-कचहरी के मामलों में, स्थितियां आपकी तरफ रहेंगी, आप जीत की ओर अग्रसर होंगे। प्रमोशन व पदोन्नति के योग इस साल बन रहे हैं। नौकरी में पूरी निष्ठा ईमानदारी व लगन से काम करेंगे, जिससे बॉस व अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे ।
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:-
इस साल शारीरिक स्वास्थ्य ठीक ही रहेगा। किसी गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका नहीं है। 2 जून तक देवगुरु बृहस्पति दूसरे स्थान में रहेंगे। अतः इस दौरान मौसमी बीमारियां हावी हो सकती हैं। पुराने रोगों पर समय-समय पर परीक्षण करवाते रहें । ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों में नियमित परीक्षण आवश्यक है। घर में किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। योग, व्यायाम, खान-पान नियन्त्रण जैसी चीजों को अपनाएं। स्ट्रेस (तनाव) से भी बचें।
व्यापार, व्यवसाय व धन:-
व्यापर व कारोबार में रुका हुआ धन प्राप्त होगा। भागीदार से पुराने मतभेद जरूर समाप्त होंगे, हालांकि आपको भागीदार व गतिविधियां व कार्यकलाप पर नजर रखें। कार्य विस्तार की योजना मूर्त रूप लेगी। कारोबार व व्यापार में इस साल आप बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे। माकेर्टिंग से लगाकर क्वालिटी कन्ट्रोल तक हर छोटी-से-छोटी चीज को आप गम्भीरता से लेंगे। व्यापार में मैं आपको सलाह दूंगा कि अपने राज ट्रेड सिक्रेट्स किसी से भी शेयर नहीं करें, अन्यथा आपको होने वाला लाभ हानि में परिवर्तित हो सकता है, व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व प्रतिस्पर्धी आपके सामने बड़ा लक्ष्य रख देंगे, व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आप नए-नए तरीकों a नई-नई तकनीकों का प्रयोग करेंगे। इस साल नई सम्पत्ति भूमि, भवन, वाहन, सोना चांदी के खरीद का योग बना हुआ है। 2 जून तक बृहस्पति धन भाव में है। धन संचय का आभाव रहेगा। पैसा पास में टिक नहीं पायेगा। इस साल कोई बड़ा कान्ट्रेक्ट या बड़ा आर्डर आपके हाथ में लग सकता है। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे, उस दौरान थोड़ी सी शिथिलता रहेगी। कारोबार के विस्तार की योजना अधर में लटक जायेगी। शेयर बाजार, तेजी मंदी से बचें, कोई बड़ा झटका लग सकता है। आर्थिक मामलों में किसी पर भी भरोसा नहीं करें, व्यापार में भी उधार देने से बचें। बहुत जरूरत होने पर उधार देना भी पड़े, तो चैक आदि से अपना पेमेन्ट सुरक्षित कर दें। सम्पत्ति की खरीद फरोख्त करेंगे, वहीं रख रखाव पर भी खर्चा होगा।
घर परिवार, संतान व रिश्तेदार:-
इस साल घर परिवार आपकी प्राथमिकता पर तो रहेगा, लेकिन अपने काम को भी आप उतनी ही अहमियत देंगे। परिवार के लोगों की हर छोटी-मोटी जरूरत का ध्यान रखेंगे। हालांकि वर्षारंभ में आठवे मंगल स्थान में है। अतः भाईयों से सम्पत्ति व बटवारे से सम्बन्धित विवाद हो सकता है, जो बाद में परिवार के किसी वरिष्ठ व सम्मानित सदस्य की मध्यस्थता से हल हो जायेगा। राशि का स्वामी शुक्र भी आठवें हैं, अतः कभी कभार पति-पत्नी में वैचारिक मतभेद रहेंगे। संतान आज्ञा में रहेगी। संतान के कॉलेज में दाखिला विषय का चयन आदि को लेकर चली आ रही चिंता समाप्त होगी। घर के वरिष्ठ बुजुर्ग सदस्यों का स्वास्थ्य आमतौर पर ठीक रहेगा। हालांकि रिश्तेदारों से मदद की उम्मीद कम ही है। 2 जून से पूर्व द्वितीय स्थान के कारण संतान के अध्ययन, शिक्षा आदि पर खर्च होने के योग हैं। वर्ष के अंत में घर में किसी मांगलिक प्रसंग व शुभ आयोजन की स्थिति बन सकती है।
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर:-
वृषभ राशि के जातक इस साल अपने अध्ययन, शिक्षा व करियर के प्रति संजीदा होंगे। इस वर्ष आप जमकर मेहनत करेंगे, तथा जमकर मेहनत के परिणाम भी प्राप्त होंगे। कभी कभार जरूर वर्ष के मध्य में आपका ध्यान भटक सकता है। करियर में नवीन अवसर आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। नौकरी शुदा जातकों पर लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव आप पर रहेगा, समय रहते आप उन लक्ष्यों को हासिल भी कर लेंगे। तकनीकी, कानूनी क्षेत्र व मैनेजमेण्ट में अध्ययनरत विद्यार्थीयों के लिए यह साल अच्छा है। नौकरी में सहकर्मियों व वरिष्ठ अधिकारियों से आपका व्यवहार अच्छा रहेगा। नौकरी में वातावरण आपके अनुकूल ही रहेगा। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप्प, फेसबुक आदि से दूरी बनाकर रखें।
प्रेम-प्रसंग व मित्र:-
बुध वर्षारंभ में आठवा है। अतः प्रेम संबंधों के लिहाज से बेहतर ग्रह स्थिति नहीं बन रही है। प्रेम सम्बन्धों में यदा-कदा तनाव रहेगा। तथा बदनामी व अपयश का कारण बन सकते हैं। विवोहत्तर प्रेम सम्बन्धों के कारण आप संकट में पड़ सकते हैं। हालांकि मित्रों के मामले में आप भाग्यशाली भी रहेंगे। नए-नए मित्र बनेंगे, तथा अचानक से कोई पुराना मित्र आपको मिल जायेगा, जिससे आपको प्रसन्नता की अनुभूति होगी। 2 जून के बाद आप पूरी तरह से अपने करियर पर फोकस हो जाएंगे, प्रेम सम्बन्धों से दूरी बना लेंगे। मित्रों से आर्थिक व्यवहार करने से बचें नहीं तो सम्बन्धों में दरार आ सकती है।
वाहन, खर्च व शुभकार्य:-
इस साल 2 जून के बाद गुरु पराक्रम स्थान में अपनी उच्च राशि में आकर किसी शुभ प्रसंग व मागलिक आयोजन की रूपरेखा बना सकते हैं। जहां तक खर्च की बात है। खर्च इस साल बेहताशा होगा, शनि लाभ स्थान में स्थित है। फालतू के कामों पर फिजूल खर्ची होगी। व्यापार में विस्तार की योजना पर भी व्यय होने की संभावना है, जहां तक वाहन की बात है, वर्ष पर्यंत वाहन से छोटी-मोटी परेशानी चलती रहेगी। वाहन सावधानीपूर्वक चलावें । मंगल वर्षारंभ में आठवे हैं, जो वाहन द्वारा परेशानी रखेगा। समय- समय पर रख रखाव व सर्विस आदि करवाते रहें।
हानि, कर्ज व अनहोनी:-
इस वर्ष व्यापार में धनहानि के योग न के बराबर हैं हलांकि किसी पर भरोसा किया या रुपया उधार दिया तो चोट होने की पूरी-पूरी संभावना है। जहां तक कर्ज की बात है। भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए ऋण लेना पड़ सकता है। घर के किसी घनिष्ठ सदस्य व मित्र के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स या कोई राजकीय परेशानी 2 जून से पहले हो सकती है।
यात्राएं :-
इस साल पूर्वाद्ध में काफी महत्वपूर्ण यात्राएं, परिवार कुटुम्ब व व्यापार को लेकर होगी, जो काफी हद तक सुखद परिणामदायक रहेगी। यात्राओं से आपको समुचित लाभ व सुखद अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय:-
वर्ष की शुभता में वृद्धि करने के लिए देवी आराधना करें। शुक्रवार को 7 सफेद रंग के पुष्प देवी मंदिर में चढ़ावे, “ॐ श्रीं श्रियै नमः” मंत्र की माला नित्य करें। ओपेल रत्न युक्त शुक्रयंत्र गले में धारण करें।
वृषभ राशि की चारित्रिक विशेषताएं
वृषभ राशि का स्वामी शुक्र, ऐश्वर्यशाली व विलासपूर्ण ग्रह है। वृषभ राशि में उत्पन्न जातक सुन्दर, आकर्षक व्यक्तित्व का धनी तथा विशिष्ट प्रभाव वाला होता है। बृहज्जातकम् तो यहां तक कहता है-
कांत: खेलगतिः पृथूरुवदनः पृष्ठास्थपाश्कवेंऽडिक । स्त्यागी क्लेशसहः प्रभुः कुकुदवान् कन्याप्रजः श्लेष्मलः ॥ इस राशि का चिह्न ‘वृषभ (बिना जोता हुआ बैल) होने से पुष्ट शरीर, मस्त चाल, मजबूत जंघाएं, बैल के समान नेत्र, प्रायः गौरवर्ण के, स्वाभिमानी, स्वच्छंद विचरण एवं शीतल स्वभाव, इनकी प्रमुख विशेषता कही जा सकती है।
वृषभ राशि के जातक मध्यावस्था में उत्तम सुख-सम्पत्ति प्राप्त करते हैं। ऐसा व्यक्ति उत्तम ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधा का भोग करने वाला होता है और अपनी सुख-सुविधा का पूरा-पूरा ध्यान रखता है।
सामान्यतया वृषभ राशि के जातक मधुर भाषी, उदार तथा सहिष्णु स्वभाव के होते हैं। अपने आकर्षक व्यक्तित्व के कारण अन्य जनों को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखते हैं। शारीरिक रूप में उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा मानसिक संतुष्टि भी रहती है। ये अत्यधिक परिश्रमी होते हैं, परिश्रम करने की उनमें अपूर्व क्षमता होती है, जिससे जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने तथा सुख, ऐश्वर्य एवं वैभव अर्जित करने में वे प्रायः सफल रहते हैं। शांति एवं सहिष्णुता के साथ इनमें साहस तथा पराक्रम का भाव भी विद्यमान रहता है।
अपने वाक्चातुर्य से शुभ एवं महत्त्वपूर्ण सांसारिक कार्यों को सिद्ध करने में भी सफल होंगे। आपका कद मध्यम होगा, स्वरूप सुंदर व आकर्षक होगा। आप में सहनशीलता का भाव भी विद्यमान होगा। आप एक परिश्रमी पुरुष होंगे तथा अपनी योग्यता एवं परिश्रम से किसी उच्च पद या समाज में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करेंगे, साथ ही अपने सद्गुणों के द्वारा श्रेष्ठ जनों को संतुष्ट करने में सफल होंगे, आप एक विद्वान पुरुष होंगे तथा विभिन्न कला-साहित्य एवं संगीत का आपको उचित ज्ञान रहेगा, इस क्षेत्र में भी आपको प्रसिद्धि प्राप्त होगी । दानशीलता का भाव भी आप में विद्यमान होगा तथा समय-समय पर जरूरतमंदों को दान देने में तत्पर रहेंगे। आप एक बुद्धिमान पुरुष होंगे, आपके कार्यकलापों पर बुद्धिमत्ता की स्पष्ट छाप होगी।
धर्म के प्रति आप श्रद्धालु रहेंगे तथा अवसरानुकूल धार्मिक अनुष्ठानों तथा कार्यकलापों को सम्पन्न करेंगे। धार्मिक क्षेत्र में आप किसी संस्था से संबंधित हो सकते हैं। इस क्षेत्र में आपको कोई विशिष्ट सफलता या प्रतिष्ठा प्राप्त हो सकती है। आपकी प्रवृत्ति सात्विक होगी तथा विचार उत्तम होंगे। साथ ही परोपकार की भावना भी विद्यमान होगी। इसके अतिरिक्त कई शास्त्रों का आपको ज्ञान होगा, जिससे आपको सामाजिक मान-प्रतिष्ठा तथा प्रसिद्धि प्राप्त होगी। आप स्वस्थ, सुंदर, आकर्षक व्यक्तित्व वाले विद्वान एवं साहसी पुरुष होंगे तथा आपका जीवन प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।
यह राशि भूमि तत्त्व प्रधान है, इसलिए ऐसे जातक मशीनरी व भूमि संबंधी कारोबार में विशेष रुचि लेते देखे गए हैं। इनमें इच्छाशक्ति बड़ी प्रबल होती है। ये बड़े धैर्यवान होते हैं। इनकी उन्नति प्रायः धीमी गति से होती है। आप स्त्री सूचक राशि वाले हैं, वृषभ राशि ‘अर्द्धजल राशि' भी कहलाती है, इसलिए गायन, नृत्यकला,
सिनेमा तथा अभिनेता व अभिनेत्रियों के प्रति आपका झुकाव कुछ विशेष रहेगा। यदि आपका जन्म ‘कृत्तिका' नक्षत्र में है, तो आप खूबसूरत व्यक्ति हैं। विपरीत लिंगी के प्रति आप शीघ्र ही आकर्षित हो जाते हैं और आप पाएंगे कि विपरीत लिंगी भी आपकी ओर सहज ही आकर्षित हो जाते हैं। सेक्स के मामले में आप बहुत लचीले स्वभाव के हैं तथा मन पर आपका नियंत्रण संभव नहीं, फिर भी सेक्स के मामले में आपको किसी हद तक सफलताएं मिलेंगी।
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आपकी प्रकृति (स्वभाव) स्वार्थी है अर्थात आप अपने कार्य के प्रति पूर्णरूपेण सजग व सचेत रहेंगे। आप खाली ख्याली पुलाव पकाने व कल्पना लोक में विचरण करने वाले व्यक्तियों में नहीं हैं। आप कर्मठ कार्यकर्ता एवं स्पष्टवादी हैं। राजनीति - सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भाग लेने से आपको राजनीतिक सफलता शीघ्र मिल सकती है। आपको दूसरों के द्वारा बहुमूल्य जायदाद प्राप्त हो सकती है। मित्र व संबंधियों स्नेह से आपकी आर्थिक उन्नति भी संभव है।
प्रायः वृषभ राशि वाले जातक की व्यापार में ज्यादा रुचि रहती है, ऐसे जातक कुशल व्यापारी होते देखे गए हैं। नित नई वेशभूषा पहनने व सुन्दर ढंग से अलंकृत रहने का शौक इनको कुछ विशेष ही होता है। ये शृंगारप्रिय तथा कला में रुचि लेने वाले व्यक्ति होते हैं। उत्तम भोजन व मिष्ठान के शौकीन होते हैं। खुशबूदार वस्तुओं को बहुत पसंद करते हैं। कला की कद्र करना तथा किसी भी व्यक्ति के गुण-अवगुण को परखने की कला इनमें खूब होती है। कुल मिलाकर ये शौकीन मिज़ाज तो होते ही हैं, इनके साथ ही वस्तु की बारीकी को पकड़ना व कार्य की गहराई में उतरना इनकी मौलिक विशेषता कही जा सकती है।
कृत्तिका नक्षत्रः- यदि आपका नाम वृषभ राशि कृत्तिका नक्षत्र के अंतिम तीन चरण (ई, उ, ए) में है, तो आपका जन्म 6 वर्ष सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - मेढ़ा, गण-राक्षस, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, वर्ग- गरुड़, युजा - पूर्व, पाया-सुवर्ण, वैश्य- चतुष्पद है। कृत्तिका नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति तुनकमिज़ाज, सुंदर एवं कठोर परिश्रमी होता है।
रोहिणी नक्षत्र:- यदि आपका नाम वृषभ राशि रोहिणी नक्षत्र (ओ, वा, वी, वू) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - सर्प, गण-मनुष्य, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, वैश्य - चतुष्पद, प्रथम चरण में वर्ग-गरुड़, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण में वर्ग - हिरण, युजा - पूर्व, पाया-सुवर्ण
युजा-पूर्व, है। रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति अति बुद्धिशाली, पशुधन, अधिक वाहनों से युक्त, ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने वाला, भोगी एवं योगी दोनों गुणों से सम्पन्न होता है ।
मृगशिरा नक्षत्र:- यदि आपका नाम वृषभ राशि मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम दो चरणों (वे, वो) में है, तो आपका जन्म 7 वर्ष वाली मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - सर्प, गण देव, वर्ण-वैश्य, युजा-पूर्व, हंसक-भूमि, नाड़ी - मध्य, पाया-सुवर्ण, वैश्य- चतुष्पद एवं वर्ग - हिरण है। मृगशिरा नक्षत्र में उत्पन्न व्यक्ति अधैर्यशाली, आक्रामक, युद्धकला में प्रवीण, उत्साही खिलाड़ी होता है तथा धन कमाने के मामले में सदैव सफल होता है।
शुक्र एक विलासी, शीतल व सौम्य ग्रह है। यह रात्रि को हल्की श्वेत झलकदार किरणें बिखेरता है। अतः श्वेत रंग व साफ-सुथरी ऐश्वर्य प्रधान वस्तुओं का व्यापार आपके अनुकूल कहा जा सकता है। आपका अनुकूल रत्न ‘हीरा' है।
उपायः- वृषभ राशि के लोगों को 'ओपेल' रत्न युक्त 'शुक्र मंत्र' गले में धारण करना चाहिए । शुक्रवार का व्रत करें।
शुक्रवार के दिन मछलियों को चुग्गा दें। श्रीयंत्र का नित्य पूजन भी वृषभ राशि वालों के भाग्य को चमका सकता है । ॐ शुं शुक्राय नमः' शुक्र के बीज मंत्र की एक माला रोज़ाना फेरें । हर शुक्रवार और मंगलवार को कुत्तों को दूध तथा डबलरोटी देते रहें।
वृषभ राशि की प्रमुख विशेषताएं
- राशि – वृषभ
- राशि चिन्ह – वृषभ (बैल)
- राशि स्वामी – शुक्र
- राशि तत्त्व – पृथ्वी तत्त्व
- राशि स्वरूप – स्थिर
- राशि दिशा – दक्षिण
- राशि लिंग व गुण – स्त्री, रजोगुणी
- राशि जाति – वैश्य
- राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
- राशि का अंग – मुख
- अनुकूल रत्न – हीरा
- अनुकूल उपरत्न – ओपल, जिरकॉन
- अनुकूल रंग – श्वेत
- शुभ दिवस – शुक्रवार, शनिवार
- अनुकूल देवता – श्री लक्ष्मी, संतोषी माता
- व्रत / उपवास – शुक्रवार
- अनुकूल अंक – 6
- अनुकूल तारीखें – 6, 15, 24
- मित्र राशियां – मकर, कुंभ
- शत्रु राशियां – सिंह, धनु व मीन
- व्यक्तित्व – गुरु भक्त, कृतज्ञ, दयालु
- सकारात्मक तथ्य – धैर्यवान, मेहनती, भरोसेमंद
- नकारात्मक तथ्य – जिद्दी, अत्यधिक भौतिकवादी, आलसी