सीमावर्ती गांवों को मजबूत बनाएगा VVP-II: DM ने अधिकारियों को संवाद-स्वास्थ्य कैंप सर्वे के दिए निर्देश, 29 गांवों में चलेंगे अभियान - Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों को मजबूत और सुरक्षित बनाने की कवायद तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) के तहत जिले के तीन सीमावर्ती प्रखंडों के 29 गांवों को चिह्नित किया है।
.
इन गांवों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय के साथ सीमा सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ेगा भरोसा
कलेक्ट्रेट में डीएम नवीन कुमार की अध्यक्षता में VVP-II के तहत सीमावर्ती इलाकों में आउटरीच गतिविधियों की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विश्वास एवं सहयोग बढ़ाना है। साथ ही सीमा प्रबंधन में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी है।

टेढ़ागाछ के 9 गांव चयनित
टेढ़ागाछ प्रखंड के रामपुर, झाला, पिपरा, बैरिया, चिचौरा, कंचनबाड़ी, फुलबाड़ी, भोरहा और खनियाबाद को योजना में शामिल किया गया है।
दिघलबैंक के 12 गांवों पर फोकस
दिघलबैंक के टप्पू, बैजनाथ पलसा, मालटोली, लोहागाड़ा, पांचगाछी, डोरिया, सिंधिमारी, तुलसिया, धनतोला, हाड़ीभिट्टा, सिंधिमारी मिलिक और पलसा में कार्यक्रम चलाया जाएगा।
ठाकुरगंज के 8 गांव भी योजना में
ठाकुरगंज प्रखंड के भेडरानी, ग्वालटोली, चुरली, सुखानी, भातगांव, हुलहुली, कोईया और दल्लेगांव को चिह्नित किया गया है।
डीएम ने दिए पांच प्रमुख निर्देश
डीएम ने सभी नोडल अधिकारियों को गांवों में नियमित बैठक और संवाद करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की दिशा में काम करने को कहा गया।
स्कूलों और सामुदायिक भवनों में सीमा सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और कल्याणकारी योजनाओं के लिए कैंप भी लगाए जाएंगे।

संस्कृति और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
डीएम ने स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर परिवार तक पहुंचाने के लिए परिवारवार सर्वे करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गतिविधियां स्थानीय संस्कृति और ग्रामीणों की भागीदारी को ध्यान में रखकर आयोजित की जाएं। प्रत्येक कार्यक्रम की फोटो और रिपोर्ट सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त, किशनगंज के अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, एसडीपीओ, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला योजना अधिकारी समेत SSB और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।