Weather Alert: जमीन पर बाढ़ का तांडव, आसमान से आफत; 24 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, NH-19 तक पहुंचा पानी - Haribhoomi
बिहार में बाढ़ और बारिश से हाहाकार मचा है। 24 जिलों में IMD का अलर्ट जारी है, 18 जिलों में बाढ़ से 6.65 लाख आबादी प्रभावित है और ट्रेनें डायवर्ट हुई हैं।
Bihar weather update, 6 September
- Published: 06 Sep 2026, 10:42 AM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 10:42 AM IST
Bihar weather update: बिहार के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे राज्य में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर और भयावह रूप लेती जा रही है। वर्तमान में पटना समेत राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 6.65 लाख से अधिक आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार को भी उत्तर और पूर्वी बिहार में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। इसे देखते हुए राज्य के 24 जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, जिसमें कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
7 जिलों में ऑरेंज और 17 में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका के चलते सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। खासकर अररिया, किशनगंज और कटिहार में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा और अधिक गहरा सकता है।
इसके अलावा 17 अन्य जिलों- पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का तगड़ा खतरा है।
पटना में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। 6 से 9 सितंबर के बीच पटना का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
पटना के अलावा भोजपुर, बक्सर, गया, नालंदा और औरंगाबाद में भी हल्की बारिश हो सकती है। अगर तापमान और वर्षा की बात करें तो शनिवार को कैमूर 36.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा, जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान के नौतन में सबसे अधिक 80.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
नौ नदियां उफान पर, सारण में टूटा बांध और NH-19 तक पहुंचा पानी
राज्य में नदियां उफान पर हैं और कुल नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पुनपुन नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है और बीते 24 घंटों में यह 28 सेंटीमीटर बढ़कर श्रीपालपुर में लाल निशान से 2.57 मीटर ऊपर पहुंच गया है। भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से 32 सेमी ऊपर और कहलगांव में 82 सेमी ऊपर बह रही है।
खगड़िया में भी बाढ़ के कारण लोग मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। सारण के दिघवारा में माही नदी का बांध लगभग 30 फीट तक टूटने से पानी आसपास के गांवों में फैल गया है, और छपरा में बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) तक पहुंच गया है, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बेगूसराय के सिमरिया बिंद टोली में 1000 से ज्यादा घर डूब चुके हैं और मुंगेर के छह प्रखंडों में लाल दरवाजा इलाके की सड़कों पर तीन से चार फीट पानी भर गया है।
रेल यातायात पर भी भारी असर, कई ट्रेनें डायवर्ट
बाढ़ के विकराल रूप का असर अब ट्रेनों के संचालन पर भी साफ दिखने लगा है। पटना-गया रेलखंड पर जट डुमरी के पास पुनपुन नदी का पानी पुल संख्या 21 तक पहुंच गया है, जिसके चलते सुरक्षा के एहतियात के तौर पर रेलवे ने डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है।
गंगा दामोदर एक्सप्रेस (13330/13329) को अब फतुहा, इस्लामपुर और तिलैया के रास्ते चलाया जा रहा है, जबकि बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस (15138/15137) का रूट बदलकर उसे पटना से आरा और बक्सर के रास्ते भेजा जा रहा है।
इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी तीन से चार घंटे की देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर घटने और ट्रैक की सुरक्षा जांच के बाद ही रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य हो सकेगा।