लजीज खाना देखकर मुंह में क्यों आता है पानी? जानें इसका साइंस

Why Mouth Waters When Seeing Food Science: कभी आपने गौर किया है कि पसंदीदा खाना सामने आते ही या उसकी खुशबू महसूस होते ही मुंह में पानी आने लगता है? कई बार भूख भी ज्यादा नहीं लगी होती, लेकिन बिरयानी, पिज्जा, समोसे या अपनी पसंद की किसी डिश को देखकर अचानक खाने का मन करने लगता है. सिर्फ इतना ही नहीं, कई लोगों के साथ तो खाने की तस्वीर देखकर या उसके बारे में सोचकर भी ऐसा होता है.

यह शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है, जिसके पीछे दिमाग और शरीर के बीच होने वाली खास प्रक्रिया काम करती है. दरअसल, खाना मुंह में जाने से पहले ही हमारा दिमाग शरीर को उसके लिए तैयार करना शुरू कर सकता है. हम किसी चीज को देखते हैं, उसकी खुशबू लेते हैं या उससे जुड़ी पुरानी यादें ताजा होती हैं, तो दिमाग इन संकेतों को समझकर शरीर को बता सकता है कि अब खाने का समय आने वाला है. इसी वजह से स्वादिष्ट खाना सामने आते ही मुंह में पानी यानी लार बनने लगती है.

खाना खाने से पहले ही तैयारी शुरू कर देता है दिमाग

यथार्थ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और ग्रुप डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी डॉ. कुणाल बहरानी के अनुसार, शरीर खाना खाने से पहले ही उसके लिए तैयार होना शुरू कर सकता है. हमारा दिमाग आसपास की चीजों से लगातार जानकारी लेता रहता है. जब हम अपनी पसंद की कोई चीज देखते हैं, उसकी खुशबू महसूस करते हैं या उसके बारे में सोचते हैं, तो ये संकेत नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर सकते हैं. इसके बाद शरीर में लार का उत्पादन बढ़ सकता है और पाचन से जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं की तैयारी शुरू हो सकती है.


Why Food Makes You Hungry: लजीज खाना देखकर मुंह में क्यों आता है पानी? जानें इसका साइंस

सरल शब्दों में कहें तो दिमाग पहले ही समझ लेता है कि हम जल्द ही कुछ खाने वाले हैं. इसी उम्मीद में शरीर खुद को तैयार करने लगता है. यही कारण है कि पहला निवाला मुंह में जाने से पहले ही मुंह में पानी आने लगता है.

क्या है सेफेलिक स्टेफ ऑफ डाइजेशन?

खाना देखकर या उसकी खुशबू से शरीर में होने वाली इस शुरुआती तैयारी को सेफेलिक स्टेफ ऑफ डाइजेशन कहा जाता है. यह पाचन प्रक्रिया का शुरुआती चरण है, जिसमें खाना पेट में पहुंचने से पहले ही शरीर पाचन के लिए तैयार होने लगता है. इस प्रक्रिया को सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं, बल्कि उसे देखना, उसकी खुशबू महसूस करना, उसके बारे में सोचना या उससे जुड़ी पुरानी यादें भी ट्रिगर कर सकती हैं. उदाहरण के लिए, बचपन में दादी या मां के हाथ की बनी किसी पसंदीदा डिश की खुशबू आपको अचानक भूख का एहसास करा सकती है.

इस दौरान दिमाग अलग-अलग संकेतों को समझकर नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है. इसके बाद लार और पाचन से जुड़े कुछ रसों का उत्पादन बढ़ सकता है. यानी पाचन की प्रक्रिया सिर्फ खाना निगलने के बाद ही शुरू नहीं होती, शरीर कई बार उससे पहले ही तैयारी करने लगता है.

लार क्यों जरूरी है?

मुंह में बनने वाली लार सिर्फ पानी नहीं है. यह खाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. लार खाने को गीला और मुलायम बनाने में मदद करती है, जिससे उसे चबाना और निगलना आसान हो जाता है. साथ ही यह पाचन की शुरुआती प्रक्रिया में भी भूमिका निभाती है. इसलिए जब पसंदीदा खाना देखकर मुंह में पानी आता है, तो यह शरीर की कोई बेवजह प्रतिक्रिया नहीं है. यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर खाने के लिए तैयार हो रहा है.

सिर्फ भूख की वजह से नहीं आता मुंह में पानी

मुंह में पानी आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपका पेट पूरी तरह खाली है. कई बार पेट भरा होने के बावजूद पसंदीदा मिठाई, पकवान या किसी खास डिश को देखकर खाने का मन कर सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भूख और भूख लगने का एहसास सिर्फ शरीर को ऊर्जा की जरूरत पर निर्भर नहीं करता. हमारी यादें, भावनाएं, अनुभव और इंद्रियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.


Why Food Makes You Hungry: लजीज खाना देखकर मुंह में क्यों आता है पानी? जानें इसका साइंस

किसी खास खाने की खुशबू आपको किसी पुराने अनुभव या जगह की याद दिला सकती है. यही वजह है कि रसोई से आती किसी परिचित डिश की खुशबू अचानक भूख बढ़ा सकती है. दिमाग उस खुशबू को एक संकेत की तरह लेता है और शरीर को खाने के लिए तैयार करने लगता है.

खराब चीज देखकर उल्टा क्यों होता है असर?

दिलचस्प बात यह है कि दिमाग और शरीर का यही सिस्टम बिल्कुल उलटी प्रतिक्रिया भी दे सकता है. जहां स्वादिष्ट खाना देखकर मुंह में पानी आता है, वहीं सड़ा हुआ खाना, तेज बदबू या कोई घिनौनी चीज देखकर अचानक मतली महसूस हो सकती है.

डॉ. कुणाल बहरानी बताते हैं कि अगर कोई गंध, दृश्य या याद हमें घिन महसूस कराती है, तो दिमाग शरीर में बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया शुरू कर सकता है. ऐसे में जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना, खाने की इच्छा खत्म हो जाना या गले में उबकाई आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह सिर्फ किसी चीज को पसंद या नापसंद करने की बात नहीं है. 

सड़ी चीज देखकर क्यों आती है उल्टी?

शरीर के पास ऐसी व्यवस्थाएं होती हैं, जो संभावित रूप से हानिकारक चीजों को खाने से रोकने में मदद करती हैं. अगर कोई चीज सड़ी हुई दिखती है, उससे बहुत खराब गंध आती है या उसे देखकर घिन महसूस होती है, तो दिमाग इसे खतरे के संकेत के रूप में ले सकता है. इसके बाद शरीर खाने से बचने वाली प्रतिक्रिया दे सकता है. भूख कम होना, मतली, ज्यादा लार बनना, उबकाई आना और कुछ मामलों में उल्टी होना भी इसी प्रतिक्रिया का हिस्सा हो सकता है. यानी शरीर कई बार उस चीज को खाने से पहले ही उससे दूरी बनाने की कोशिश शुरू कर देता है.

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सिर्फ याद से भी हो सकती है ऐसी प्रतिक्रिया

कई बार खराब चीज का सामने होना भी जरूरी नहीं है. किसी खाने से जुड़ा बुरा अनुभव उसकी याद या खुशबू से भी दोबारा मतली पैदा कर सकता है. मान लीजिए किसी व्यक्ति ने कोई खास खाना खाया और उसके बाद वह बीमार पड़ गया. बाद में उसी खाने की खुशबू से भी उसे जी मिचलाने लगे, तो इसके पीछे दिमाग का उस खुशबू को पुराने खराब अनुभव से जोड़ना हो सकता है.

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