YouTube-Instagram से सीखा नकली नोटों का खेल! Zomato डिलीवरी बॉय और Rapido ड्राइवर पुलिस के हत्थे चढ़े – Sanjeevni Today
तेलंगाना: हैदराबाद में पुलिस ने कथित तौर पर नकली भारतीय करेंसी छापने और उसे चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी बताई गई है।
यह कार्रवाई हैदराबाद कमिश्नर टास्क फोर्स की शमशाबाद ज़ोन टीम और बालापुर पुलिस ने संयुक्त रूप से की। अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पहले इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद निगरानी और जांच के आधार पर तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। मामले में एक अन्य व्यक्ति के फरार होने की भी जानकारी दी गई है।
सोशल मीडिया से सीखी कथित तकनीक का आरोप
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल दो लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर नकली करेंसी तैयार करने की जानकारी हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर रंगीन प्रिंटर, स्कैनर और अन्य सामग्री जुटाई तथा जाली नोट तैयार करने का प्रयास किया। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि नकली नोटों को असली जैसा दिखाने के लिए सुरक्षा विशेषताओं की नकल करने की कोशिश की गई थी।
हालांकि यह पूरा मामला पुलिस जांच के आधार पर सामने आया है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में एक फूड डिलीवरी कर्मचारी, एक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म का ड्राइवर और एक ऑटो चालक शामिल है। तीनों तेलंगाना के एक ही इलाके के निवासी बताए गए हैं। जांच में एक अन्य कथित सहयोगी का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के नेटवर्क, संभावित अन्य सहयोगियों और नकली नोटों के प्रसार की सीमा की जांच अभी जारी है।
कहां चलाए गए नकली नोट?
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर छोटे लेन-देन वाले स्थानों पर नकली नोट खपाने की कोशिश करते थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कितने नोट बाजार तक पहुंचे और किन-किन स्थानों पर उनका इस्तेमाल किया गया।
इसी कड़ी में पुलिस स्थानीय दुकानदारों और संभावित प्रभावित कारोबारियों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने कथित तौर पर 500, 200 और 100 रुपये मूल्यवर्ग के कुल 1,124 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनका अंकित मूल्य लगभग 2.91 लाख रुपये बताया गया है। इसके अलावा जांच में रंगीन प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेशन और अन्य कथित सामग्री भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस की जांच अभी जारी
हैदराबाद पुलिस इस मामले को केवल तीन लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं मान रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या इस कथित रैकेट के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क मौजूद है, क्या अन्य लोग भी इसमें शामिल थे और नकली नोटों का प्रसार कितने स्तर तक हुआ।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार बताए गए व्यक्ति की तलाश के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
हैदराबाद का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि नकली करेंसी से जुड़े अपराधों को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। फिलहाल तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए जाली नोट और उपकरणों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष तय होगा।
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