जेन-Z आंदोलन का डर, 30 दिन में 10 बड़े फैसले: रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई, AI-ड्रोन से दिलाएंगे रोजगार - Patna News
155 मॉडल स्कूलों में छात्रों को मुफ्त में JEE और NEET की परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। क्लास 6 से 12 तक के बच्चों को कौशल सिखाने के लिए एक माह में योजना तैयार की जाएगी। बिहार सरकार ने पिछले चंद दिनों में शिक्षा सुधार से जुड़े ऐसे 10 बड़े फैसले किए है
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दिल्ली, पटना और अब झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का असर है कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। सरकार की कोशिश युवाओं के गुस्से को कम करने की है। छात्रों के करियर को दिशा देने की कोशिश कर रही है ताकि जेन Z का गुस्सा सड़क पर नहीं दिखे। इसके बाद भी बिहार में भी बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन की संभावना बनी हुई है।
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कौन से बड़े फैसले किए हैं। छात्र आंदोलन की कितनी संभावना है। पढ़िए रिपोर्ट…।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सम्राट सरकार ने लिए ये 10 बड़े फैसले
1. राज्यस्तरीय कमिटी गठित
स्कूलों को 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने और पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया जा रहा है।
2. परीक्षा सुधार और AI
बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व आधुनिक तकनीक का उपयोग करके छात्रों की क्षमताओं का आकलन करने के लिए विशेष समिति बनाई जा रही है।
3. रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई
15 अगस्त से छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई और मदद की व्यवस्था रात 11 बजे तक उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
4. छात्र कल्याण निदेशालय
योजनाओं के बेहतर समन्वय के लिए छात्र कल्याण निदेशालय (Student Welfare Directorate) का गठन किया जाएगा।

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
5. प्रत्यक्ष संवाद शिविर
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा स्कूलों का दौरा कर छात्रों की समस्याएं और सुझाव सीधे सुनने के लिए विशेष सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।
6. मॉडल स्कूलों का विस्तार
राज्य में मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 1,001 की जाएगी। प्रखंड स्तर पर डिग्री की पढ़ाई के लिए सरकार ने 211 प्रखंडों में 15 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेज शुरू करने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों उसमें भी लड़कियों को गांव में ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने पर फोकस है।
7. युवाओं को AI, ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग मिलेगी
सम्राट सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक विस्तारित किया है। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। युवाओं को AI, ड्रोन, सोलर, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा एवं उद्यमिता की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे 6,436 रोजगार के अवसर बनेंगे। हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग मिलेगी।
8. मॉडल स्कूलों में मुफ्त जेईई और नीट की कोचिंग
सरकार ने जुलाई में पटना में स्थित 10 मॉडल स्कूलों में छात्रों के लिए मुफ्त जेईई और नीट कोचिंग के साथ बिहार स्कूल लाइव क्लासेज कार्यक्रम शुरू किया है। इसे राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक विस्तारित किया जाएगा।

25 जुलाई को बिहार में छात्रों ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पटना में पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
9- बिहार कर्मचारी चयन आयोग के तरीके बदलेंगे
बिहार कर्मचारी चयन आयोग के तौर-तरीकों पर सवाल उठते रहे हैं। परीक्षा पेपर लीक होने से लेकर बाकी ट्रांसपेरेंसी से जुड़े सवाल हैं। रिजल्ट में स्कोर कार्ड नहीं दिया जाता है। आंसर की जारी नहीं की जाती है। कैंडिडेट को मार्क्स तक नहीं बताया जाता है। प्रश्न पुस्तिका ले जाने नहीं दी जाती है, रिजल्ट आने के बाद कैंडिडेट को ओएमआर शीट उपलब्ध नहीं कराया जाता है।
सरकार ने यहां की स्थिति ठीक करने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारी शोभा अहोतकर को नया स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी कड़क पहचान रही है। उनके नेतृत्व में आयोग के काम करने का तरीका बदलेगा।
10- पांच साल के लिए बढ़ी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना
सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया है। अब तक 4.15 लाख छात्रों को इसका लाभ मिल चुका है। सरकार ने कैबिनेट में तय किया कि इस योजना को 2021 तक जारी रखा जाएगा। इसके लिए 950 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

द ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार द्वारा पटना के गर्दनीबाग में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
अब जानिए, क्या बिहार में बड़ा छात्र आंदोलन होने जा रहा?
ऊपर दी गई तस्वीर पटना के धरना स्थल गर्दनीबाग की है। यहां एक सप्ताह से अधिक समय से द ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनल तले छात्र अनशन पर हैं।
अनशन कर रहे एसोसिएशन के कॉर्डिनेटर कुमुद पटेल कहते हैं, ‘सरकार को बिहार के शोधार्थियों से कोई मतलब नहीं है। नए गजट के प्रशासन में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली में पुरानी नियमावली को निरस्त कर नई नियमावली लाई गई है।’

गर्दनीबाग में बड़े से पंडाल के नीचे बैनर-पोस्टर लगे हैं। बैनर पर ‘बिहार में महाआंदोलन बीपीएससी, बीएसएससी , बीपीएसएससी जवाबदेह हो’ लिखा है। छात्रों से एकजुट होने का आह्वान किया गया है।
आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि हमलोग बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। हमारी मांगें हैं..
- टीआरई-4 की सभी विषयों में रिक्त पदों पर विज्ञापन एकल परीक्षा के लिए जल्द जारी हो।
- बीएसएससी इंटर स्तरीय और सीजीएल-4 की परीक्षा की तिथि जारी हो
- एईडीओ की परीक्षा की तिथि जारी हो।
- लाइब्रेरियन की बहाली जल्द हो।
- सरकार दारोगा बहाली में पारदर्शिता लाएं।