भारतीय सड़कों पर दिखी दुर्लभ शेवरले कॉर्वेट Z06, क्या भारत में LHD कार चलाना कानूनी है?

Published: Saturday, September 5, 2026, 17:26 [IST]

4 सितंबर (शुक्रवार) की देर रात भारतीय सड़कों पर दौड़ी एक लेफ्ट-हैंड-ड्राइव (LHD) शेवरले कॉर्वेट Z06 (Chevrolet Corvette Z06) का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 5 सितंबर (शनिवार) की सुबह कार लवर्स के फीड्स पर छाए इस क्लिप का क्रेडिट क्रिएटर हैंडल @themohammaddon को दिया गया है। रात के वक्त क्रूज़ करती यह कार अमेरिकी स्पेसिफिकेशन (US-spec) वाली Z06 है। हालांकि, यह वीडियो किस जगह का है इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यह पश्चिमी भारत की सड़कों का है। भारत में इस कार का बेहद दुर्लभ होना और इसका लेफ्ट-हैंड ड्राइव होना ही रातों-रात इसके वायरल होने की मुख्य वजह है।

वीडियो पर आ रहे कमेंट्स में ज्यादातर लोगों का मानना है कि इस कार पर विदेशी नंबर प्लेट लगी है और यह 'कार्नेट डे पैसेज' (Carnet de Passages) के जरिए भारत आई है। कार्नेट का मतलब है कि कार यहां बिना लोकल रजिस्ट्रेशन के सिर्फ सीमित समय के लिए ही रह सकती है और बाद में इसे वापस एक्सपोर्ट करना होगा। सोशल मीडिया थ्रेड्स में भी लोग यही कह रहे हैं, साथ ही भारतीय स्पीड ब्रेकर्स को देखते हुए Z06 के बेहद कम ग्राउंड क्लीयरेंस पर भी चिंता जता रहे हैं। जब तक नंबर प्लेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसके रजिस्ट्रेशन स्टेटस को अनंतिम (provisional) ही माना जाना चाहिए।

Chevrolet Corvette Z06 Spotted in India: Is Driving LHD Cars Legal? Rules and Carnet Explained (2026)

Corvette Z06 rules in India: LHD, carnet, exemptions

भारत की इंपोर्ट पॉलिसी के तहत किसी भी नई या पुरानी इंपोर्टेड गाड़ी में राइट-हैंड स्टीयरिंग और कीप-लेफ्ट हेडलाइट्स होना अनिवार्य है। यही वजह है कि देश में नई LHD कारों का परमानेंट रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। हालांकि, मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, अगर गाड़ी में सही सिग्नलिंग डिवाइस लगे हों तो LHD कार को चलाया जा सकता है। वहीं, विदेशी रजिस्ट्रेशन के साथ भारत आने वाली कारों के पास पूरे दस्तावेज होना जरूरी है और उन्हें भारतीय ट्रैफिक नियमों का पालन करना होता है। सेक्शन 52 के तहत कारों के स्ट्रक्चरल बदलावों पर सख्त पाबंदियां लागू होती हैं।

परिस्थिति भारत में नियम/स्टेटस यह क्यों अहम है
CPD कार्नेट पर विदेशी LHD कार कम समय (आमतौर पर 6 महीने) के लिए इजाजत; खास मामलों में समय बढ़ाया जा सकता है कस्टम ड्यूटी के बिना एंट्री लेकिन री-एक्सपोर्ट अनिवार्य; सख्त कागजी कार्रवाई और समय-सीमा
परमानेंट LHD इंपोर्ट सड़क पर चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं नियमों के तहत राइट-हैंड स्टीयरिंग और कीप-लेफ्ट हेडलाइट्स अनिवार्य हैं
एंबसी (दूतावास) की गाड़ियां प्रोटोकॉल के तहत विशेष छूट गाड़ियां आमतौर पर डिप्लोमैटिक रजिस्ट्रेशन पर चलती हैं
सड़कों पर फिल्म शूटिंग परमिट अनिवार्य; नियंत्रित तरीके से सड़कें बंद करना उपकरणों को ATA कार्नेट कवर करता है; ड्राइविंग के सामान्य नियम लागू रहते हैं

सामान्य इंपोर्ट की बात करें तो परमानेंट इंपोर्ट पर भारी कस्टम ड्यूटी के साथ-साथ जीएसटी (GST) और मुआवजा सेस (Compensation Cess) लगता है, जिससे कार की कीमत अमेरिका की एक्स-शोरूम कीमत से काफी ज्यादा हो जाती है। इसके विपरीत, कार्नेट पर आने वाले टूरिस्ट्स को इश्यू करने वाले क्लब के पास एक सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना पड़ता है और तय वक्त पर कार वापस ले जानी होती है। कार्नेट पर लाई गई गाड़ियों का इस्तेमाल स्थानीय यात्रियों या सामान को ढोने के लिए नहीं किया जा सकता। कार्नेट की शर्तों का उल्लंघन करने पर कार वापस ले जाने के बाद भी कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ सकती है।

Corvette Z06 spotter etiquette and safety helplines

अगर आपको सड़कों पर यह Z06 दिखती है, तो दूर से ही इसका दीदार करें। कार का पीछा न करें और चलती गाड़ी से वीडियो बनाने की गलती बिल्कुल न करें। सोशल मीडिया पर क्लिप पोस्ट करने से पहले नंबर प्लेट और लोगों के चेहरे ब्लर कर दें। अगर कहीं खतरनाक ड्राइविंग या स्टंट दिखे, तो तुरंत राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें। जरूरत पड़ने पर पुणे ट्रैफिक पुलिस के नंबर 020-26685000 या उनके व्हाट्सएप नंबर 9112020112 पर सूचना दें। हमेशा सुरक्षित जगह पर खड़े होकर ही वीडियो बनाएं और ट्रैफिक में अड़चन न डालें।