अब गैस सिलेंडर के साथ घर तक पहुंचेगा राशन, Zepto-Blinkit को टक्कर देगा BPCL

Aug 27, 2026 09:37 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • कंपनी महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में इसका पायलट प्रोजेक्ट चला रही है
  • शुरुआती नतीजे ठीक-ठाक हैं, लेकिन अभी उतनी बिक्री नहीं हो रही जितनी उम्मीद थी
  • अब जेप्टो, ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स को बीपीसीएल से सीधी टक्कर मिल सकती है
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अब गैस सिलेंडर के साथ घर तक पहुंचेगा राशन

BPCL Latest Updates: सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) अब सिर्फ पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर ही नहीं, बल्कि आपके घर का राशन भी पहुंचाएगी। यह सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी अपने पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करके क्विक कॉमर्स मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब यह है कि अब जेप्टो, ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स को बीपीसीएल से सीधी टक्कर मिल सकती है।

सिलेंडर के साथ आएगा किराने का सामान

बीपीसीएल का प्लान है कि उसकी चुनिंदा एलपीजी एजेंसियों को डार्क स्टोर में बदला जाए। यानी इन एजेंसियाें पर घरेलू जरूरत का सामान, किराना, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का स्टॉक रखा जाएगा। ग्राहक बीपीसीएल के ऐप से ऑर्डर करेंगे और सिलेंडर डिलीवरी के साथ ही सामान भी उनके दरवाजे तक पहुंच जाएगा।

कहां-कहां चल रहा पायलट प्रोजेक्ट

फिलहाल कंपनी महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में इसका पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। इस पायलट प्रोजेक्ट के शुरुआती नतीजे ठीक-ठाक हैं, लेकिन अभी उतनी बिक्री नहीं हो रही जितनी उम्मीद थी। हालांकि कंपनी इसे लंबी रेस मानकर चल रही है।

पेट्रोल पंप बनेंगे लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन

बीपीसीएल अपने पेट्रोल पंपों पर मौजूद 'इन एंड आउट' रिटेल स्टोर्स को भी अपग्रेड कर रही है। कैफे, कन्वीनियंस स्टोर, बेहतर वॉशरूम और लॉयल्टी प्रोग्राम के जरिए कंपनी पेट्रोल पंप को सिर्फ फ्यूल सेंटर नहीं, बल्कि एक पूरा मोबिलिटी और लाइफस्टाइल हब बनाना चाहती है।

अपना पेमेंट गेटवे भी लाएगी बीपीसीएल

बीपीसीएल की योजना सिर्फ सामान बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी अपना खुद का पेमेंट गेटवे भी लॉन्च करने की तैयारी में है। इसे 'हैलो बीपीसीएल' ऐप में जोड़ा जाएगा, ताकि ग्राहक पेट्रोल पंप पर पेमेंट करते समय सीधे कंपनी के प्लेटफॉर्म से भुगतान कर सकें। इससे बीपीसीएल को डिजिटल ट्रांजैक्शन का डेटा भी मिलेगा और नॉन-फ्यूल रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिलेगी।

क्या बीपीसीएल क्विक कॉमर्स में टिक पाएगी?

एक्सपर्ट्स की मानें तो बीपीसीएल के पास देशभर में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों का बहुत बड़ा नेटवर्क है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन जेप्टो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियां सिर्फ 10-15 मिनट में डिलीवरी करती हैं, जबकि बीपीसीएल का मॉडल सिलेंडर डिलीवरी के साथ जुड़ा है। ऐसे में स्पीड के मामले में कंपनी को अभी काफी मेहनत करनी होगी।

फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट से मिले अनुभव के आधार पर कंपनी आगे का रोडमैप तय करेगी। अगर यह मॉडल सफल हुआ तो आने वाले समय में आपके घर तक सिलेंडर के साथ राशन पहुंचाने वाली बीपीसीएल एक बड़ा खिलाड़ी बन सकती है।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें