Zomato News: ऑनलाइन खाना क्यों है महंगा? CCI ने जोमैटो को किस बेस पर दी क्लीन चिट? ग्राहक की हार
Zomato Food Delivery App: ऑनलाइन और रेस्तरां के खाने की कीमतों में अंतर को लेकर CCI ने जोमैटो के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी. आयोग ने दोनों को अलग-अलग बिजनेस मॉडल मानते हुए तुलना गलत बताई.
Written By : जेबा परवीन | Updated at : 24 Jul 2026 09:16 PM (IST)

ऑनलाइन खाना महंगा क्यों? CCI ने जोमैटो को दी क्लीन चिट
Source : ABPLIVE
Online Food Delivery Charges: आज के समय जयदातार लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं, जिसकी कीमत रेस्तरां के मुकाबले काफी ज्यादा महंगा होता है. अगर आपने भी काभी ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते समय यह नोटिस किया होगा कि ऐप पर खाना महंगा और रेस्तरां में सस्ता मिल रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है.
इसी मुद्दे को लेकर एक ग्राहक ने जोमैटो (Eternal Ltd.) के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, CCI ने इस मामले की जांच करने के बाद कंपनी को राहत देते हुए शिकायत खारिज कर दी. CCI का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी और सीधे रेस्तरां से खाना खरीदने का तरीका दो अलग-अलग बिजनेस मॉडल हैं. ऐसे में दोनों की कीमतों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती.
क्या था पूरा मामला?
एक ग्राहक ने शिकायत की कि ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाने की कीमत रेस्तरां की मुकाबले में काफी ज्यादा थी. उसने बताया कि रेस्तरां में एक खाने की कीमत 105 रुपये थी, जबकि उसी रेस्तरां ऐप पर उस खाने की कीमत उसे 198 रुपये दिखाई गई. ग्राहक ने आरोप लगाया कि बढ़ी हुई मेन्यू कीमत, प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और टैक्स की वजह से अपने ऐप के जरिए गरहक से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं. साथ ही उसने यह भी कहा कि जोमैटो के कमीशन के कारण रेस्तरां को अपने ऐप पर खाने के दाम बढ़ाने पड़ते हैं.
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ऑनलाइन खाना महंगा क्यों होता है?
- ऑनलाइन ऑर्डर में डिलीवरी, प्लेटफॉर्म जैसी अन्य सेवाओं का खर्च शामिल होता है.
- घर बैठे खाना मंगाने की सुविधा के कारण ज्यादा कीमत देना पड़ता है.
- टैक्स, डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस भी कुल बिल बढ़ा देते हैं.
- फूड डिलीवरी कंपनियां रेस्तरां से कमीशन लेती हैं, जिसकी भरपाई कई बार रेस्तरां अपने ऐप के जरिए कीमत बढ़ाकर करते हैं.
CCI ने किस आधार पर दी क्लीन चिट?
- CCI ने कहा कि ग्राहक अपनी सुविधा के लिए अपनी मर्जी से ज्यादा कीमत चुकाते हैं.
- प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और टैक्स जैसी सभी जानकारी गरहक को पेमेंट से पहले दिखाई जाती है.
- ग्राहक के पास लास्ट पेमेंट तक ऑर्डर कैन्सल करने का ऑप्शन दिया जाता है.
- CCI को जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि जोमैटो ने अपने ऐप का गलत फायदा उठाया है.
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About the author जेबा परवीन
जेबा परवीन पिछले करीब दो साल से ABP न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर कंसल्टेंट काम कर रही हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इसी चैनल में एक इंटर्न के रूप में की थी. उनके बेहतरीन काम को देखते हुए चैनल ने उन्हें कंसल्टेंट की ज़िम्मेदारी सौंपी. इन्होंने लंगट सिंह कॉलेज (मुजफ्फरपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन (BMC) किया है.
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Published at : 24 Jul 2026 09:16 PM (IST)
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